जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने पिछले साल दिसंबर में प्री-पेड रिचार्ज प्लान की कीमत में इजाफा किया था। जिसका असर यह हुआ कि 1.2 करोड़ यूजर्स ने हमेशा के लिए मोबाइल चलाना छोड़ दिया। इससे पहले नवंबर 2021 में जहां भारत में कुल एक्टिव वायरलेस सब्सक्राइबर्स की संख्या 116.7 करोड़ थी, जो दिसंबर 2021 में घटकर 115.5 करोड़ रह गई। इस तरह नवंबर के मुकाबले दिसंबर माह में एक्टविट वायरलेस सब्सक्राइबर्स की संख्या भारत में 1.2 करोड़ रुपये हो गई.
| मंहगे रिचार्ज की मार! दिसंबर 2021 में 1.2 करोड़ ने छोड़ा मोबाइल चलाना : TRAI रिपोर्ट |
महंगा रिचार्ज बना वजह
एयरटेल ने नवंबर 2021 में सबसे पहले मोबाइल और सेवाओं की दरों में (Airtel Tariff) में 18 प्रतिशत से लेकर 25 फीसदी का इजाफा किया गया था। इसके बाद रिलायंस जियो (Reliance Jio) और वोफाफोन-आइडियान (Vi) ने अपने प्री-पेड टैरिफ प्लान की कीमत में 20 से 25 फीसदी का इजाफा किया था। वहीं एयरटेल फिर से अपने प्री-पेड प्लान की कीमत में इजाफा करने की योजना है।
भारत में किसकी कितनी हिस्सेदारी
रिलायंस जियो - 36 फीसदी भारतीय एयरटेल -30.8 फीसदी वोडाफोन-आइडिया - 23 फीसदी बीएसएनएल - 9.90 फीसदी एमटीएनएल - 0.23 फीसदी रिलायंस कॉम - 0.0003 फीसदी
दिसंबर में हुए रिकार्ड संख्या में मोबाइल नंबर पोर्ट
महंगे रिचार्ज की वजह से दिसंबर में भारी संख्या में लोगों ने दिसंबर में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सर्विस का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में कुल 8.54 मिलियन यूजर्स ने मोबाइल नंबर्स पोर्ट कराए। सबसे ज्यादा मोबाइल नंबर पोर्ट महाराष्ट्र में पोर्ट किए गए। इसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। उत्तर प्रदेश के बात करें, तो पूर्वी यूपी से सबसे ज्यादा 1.32 फीसदी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की शिकायत मिली। जबकि पश्मिमी यूपी में यह आंकड़ा करीब 1.10 फीसदी रहा।
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